कविता : भारत के युवा हैं हम


भारत की आन - बान और शान हैं हम,
भारत के युवा हैं हम।
समय का सदुपयोग करके,
स्वयं को शिक्षित करेंगे हम।
भारत के युवा हैं हम.....

सभी प्राणियों की रक्षा के लिए,
अधिकाधिक पौध - रोपड़ करेंगे हम।
भारत के युवा हैं हम.....

बड़ों का सम्मान, 
और छोटों को प्यार देंगें हम।
भारत के युवा हैं हम.....

देश के हर घर में बिजली;
और पानी की व्यवस्था हो,
ऐसी योजनायें लाएंगें हम।
भारत के युवा हैं हम.....

जात - पात को भूलकर,
कदम से कदम मिलाकर चलेंगे हम।
भारत के युवा हैं हम.....

इस देश से बेकारी को दूर करके,
रोजगार के नए अवसर लाएंगें हम।
भारत के युवा हैं हम.....

मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीँ होता।
इस धर्म का पालन सदैव हम सब मिलकर करेंगे।
भारत के युवा हैं हम.....

इस देश से आतंकवाद का खात्मा करने के लिए,
अपने प्राणों का बलिदान देने को तत्पर रहेंगें हम।
भारत के युवा हैं हम.....

इस देश में नारी को पूजा जाता है।
चाहे हम कितने ही आधुनिक क्यों न हो जाएँ,
नारी का सम्मान हमेशा करेंगे हम।
भारत के युवा हैं हम.....

मतदान के मूल्य को समझकर,
देश के लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करेंगे हम।
भारत के युवा हैं हम.....

स्वच्छ भारत अभियान का पालन करके,
देश को रोगमुक्त बनायेंगे हम।
भारत के युवा हैं हम.....

भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठायेंगे हम,
अपने लेखन - कला - कौशल से,
इस देश में 'परिवर्तन' की लहर लायेंगे हम।
भारत के युवा हैं हम...........।।

।। जय भारत की युवा शक्ति ।।
।। जय हिन्द ।।
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!!!


✍ कृति तोमर 
   मुरैना बुन्देलखण्ड
(छात्रा - बी०एस०सी० इलेक्ट्रॉनिक्स ऑनर्स, द्वितीय वर्ष, हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय)


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