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आजकल के युवा - युवतियाँ, प्यार और भारत

                  आजकल हम देखते हैं कि भारतीय संस्कृति के केन्द्र माने जाने वाले दिल्ली, मुम्बई जैसे महानगरों के साथ ही हमारे भारत देश के छोटे - बड़े शहरों में पाश्चात्य संस्कृति यानि वेस्टर्न कल्चर बहुत तेजी से अपनायी जा रही है। जिसके कारण भारतीय समाज को कई नुकसान झेलने पड़ रहे हैं और कई नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। भारतीय समाज के लिए सबसे बड़ा नुकसान फैशन, नशा, सेक्स और बाजार का शिकार होना है और अपनी भारतीय संस्कृति को छोड़ने का है। कहते हैं कि सिर्फ साहित्य ही नहीं सिनेमा भी समाज का दर्पण है। वो सिनेमा जिसमें आईटम सॉन्ग और डांस कुछेक समकालीन फिल्मों को छोड़कर हर एक में दिखाए जाते हैं। हीरोइन (एक्ट्रेस) को विज्ञापनों और वस्तुओं के कवरों पर वस्तु की तरह पेश किया जा रहा है या हीरोइन खुद पेश हो रहीं हैं। हीरोइन मॉडलिंग के नाम पर अपना देह प्रदर्शन के अलावा कुछ नहीं कर रहीं हैं। वो अपने देह को बेचकर पैसा कमा रहीं हैं। फिल्मों में हीरोइन सिर्फ हीरो की शारीरिक जरूरतों को पूरी करती हुईं नजर आ रहीं हैं। मेरे और भारतीय संस्कृति के हिसाब से ऐसा कतई नहीं ह...

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कविता : भारत के युवा हैं हम